नहीं रहे हिन्दी साहित्य के प्रख्यात विद्व ान

डेली वर्ल्ड रिपोर्टर / घोड़ासहन

समाजसेवी, खेल प्रेमी व हिन्दी साहित्य के प्रख्यात विद्वान शिक्षक रामजी प्रतिकाश का आज रविवार को पटना में ईलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की सूचना के बाद जहां परिवार जनों में मातमा सन्नाटा पसर गया वहीं सैकडों की संख्या में उनके सानिध्य में रह कर हिन्दी साहित्य के शिक्षा लेने वाले छात्र-छात्राओं के बीच शोक का लहर दौड गया।
श्री प्रतिकाश बीते लगभग ढाई दशक से शिक्षा जगत से जुडे रहे व निजी तौर पर बच्चों के बीच शिक्षा दान करते रहे। स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा खास कर आर्टस विषयों की तैयारी कराने मामले में उनके योगदान को भूलाया नहीं जा सकता। खेल जगत से भी वह जुडे रहे।
परिवार के एक सदस्य बबलू कुमार ने बताया कि तीन दिन पूर्व अचानक उनकी तबीयत खराब हो गयी। ईलाज के लिये मोतिहारी ले जाया गया कि चिकित्सकों ने वहां से गंभीर स्थिति में उन्हें पटना रेफर कर दिया। रविवार को लगभग नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस लिया।
बहरहाल, उनके असमायिक निधन से घोडासहन मे शिक्षा प्रेमियों व प्रबुद नागरिकों के बीच शोक व्याप्त है, वहीं शोक व्यक्त करने का सिलसिला जारी है।

Leave a Reply

*