चिरैया के मिश्रौलिया पेट्रोल से लुटे पैस ों की बरामदगी व अपराधियों के अब तक नही मिल सकी है कोई सुराग

पूर्व में भी कई बार अपराधियों के शिकार हो चुके है पंप कर्मी

प्रखंड के चिरैया व शिकारगंज थाना क्षेत्र में अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों से सभी प्रकार के व्यपारियो में दहसत

लूट मामले में अब तक पुलिस की हाथ है खाली

डेली वर्ल्ड रिपोर्टर / चिरैया

पुलिस की निष्क्रियता के कारण इन दिनों चिरैया में लूट की घटनाएं बढ़ गई है। जिसके कारण व्यवसायियों समेत आम जनों में भय व्याप्त है। ताजा मामला थाना क्षेत्र के मोतिहारी-ढाका स्टेट हाइवे पर मिश्रौलिया मोड़ के समीप स्थित पेट्रोल पंप का है। जहां हथियारबन्द नकाबपोश अपराधियों ने दरवाजा तोड़ कमरे में घुस कर एक लाख 86 हजार रूपये लूट लिया है। लेकिन इस मामले में हाई प्रोफाइल भाग-दौड़ के बाद भी चिरैया पुलिस को अबतक कोई कामयाबी हासिल नहीं हो सकी है।
घटना की सूचना पर पहुंचे सिकरहना डीएसपी आलोक कुमार सिंह व चिरैया थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने पेट्रोल पंप पर पहुंच कर्मियों से हर बिंदु पर पूछताछ की। वहीं पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला। जिसमें अपराधियों के चेहरे साफ नजर आए। लेकिन अपराधी की पहचान अबतक नही हो सकी है।
बताया गया कि अपराधी इस क्षेत्र के नहीं है। वैसे अपराधियों को पकड़ने के लिए सिकरहना डीएसपी लगे हुए हैं। वहीं चिरैया पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वही 19 जून को शिकारगंज थाना क्षेत्र के रूपहारा गांव के पास दो बाइक पर सवार चार नकाबपोश हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े निलू एचपी गैस एजेंसी के डिलिवरी गाड़ी को रोककर उसके कर्मियों के साथ मारपीट करते हुए जख्मी कर 62.5 हाजार रूपये लूट कर भाग निकले थे। इस मामले में निलू एचपी गैस एजेंसी के भेन्डर विजय पासवान के बयान पर शिकारगंज थाना में चार अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी। जिसमें कहा है कि निलू गैंस एजेंसी की गाड़ी होम डिलीवरी करने शिकारगंज व सिरौना जाती है। गैस वितरण करने के बाद गाडी वापस लौट रही थी कि रूपहारा गांव के पास बाईक पर सवार चार हथियारबंद अपराधियों ने गाड़ी को ओवर टेक कर ड्राईवर विजय पासवान के साथ मारपीट करते हुए रुपये लूट ढाका की ओर भाग निकला।
इधर थानाध्यक्ष ललन कुमार ने बताया था कि अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है लेकिन उसमें भी कुछ नही हुआ। बतादें 30 मार्च 2018 को ग्लैमर बाइक पर सवार हथियारबन्द अपराधियों ने चिरैया स्थित पूजा इण्डेन गैस के कैश काउन्टर में घुस कर्मियों को बंधक बना कर एक लाख सात हजार रूपये लूट लिया था। मामले को लेकर एफआइआर दर्ज की गयी थी। इसके बाद भी पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में असफल रही है। जबकि 10 अप्रैल 2019 को अपराधियों ने शीतलपटी गांव निवासी उपेन्द्र प्रसाद के घर धावा बोलकर करीब दो लाख की संपत्ति लूट ली थी। वही 28 अप्रैल को मीरपुर गांव निवासी वेद प्रकाश हिमांशु के परिजनों को उसी के घर में बंधक बना कर अपराधियों ने 10 लाख लूट लिया था। जबकि 9 मई को घात लगाकर बैठे हथियारबन्द अपराधियों ने सगुनिया गांव निवासी सीएसपी संचालक राकेश कुमार से 33 हजार रूपये लूट लिया था। इधर 15 मई को लालबेगिया बैरियर चौक पर सपही गांव निवासी अमरेन्द्र सहनी को चाकू से जख्मी कर 11 हजार रूपये लूट लिया था। सभी मामले में एफआइआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस का हाथ खाली है। जो चिरैया पुलिस की निष्क्रियता का पुख्ता प्रमाण है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। हालांकि डीएसपी आलोक कुमार सिंह का कहना है कि सभी मामलों में तीव्र गति से करवाई हुई है। शीघ्र ही अपराधी पुलिस पकड़ में आ जायेंगे।

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